Kagome Foods: भारत में अपने पैर पसार रही कगोमे फूड्स, जानिए अगले 5 साल में क्या हैं कंपनी का प्लान

25 Nov, 2019 by timesnowhindi.com

Kagome Foods: कगोमे फूड्स ने साल 2018 में भारत में एंट्री की है, ये कंपनी कमोगे जापान की सब्सिडियरी है, जो जापानी की बड़ी कंपनी है। कगोमे का भारत में मुख्य फोकस बी2बी सेगमेंट पर है।

नई दिल्ली: भारत में फूड प्रोसेसिंग बाजार में कम कम्पटीशन और ज्यादा संभावना को देखते हुए जापान की कंपनी कगोमे फूड्स (Kagome Foods India) ने भारत में साल 2018 में एंट्री की। कंपनी को भारत में बड़ा बाजार नजर आ रहा है और इसलिए कंपनी ने यहां अपने व्यापार का विस्तार करने का फैसला किया है। कंपनी अगले कुछ सालों में विभिन्न स्तर पर अपना विस्तार करेगी, जिससे किसानों को फायदा होगा और युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।

फिलहाल कंपनी भारत में टमाटर के प्रोडक्ट्स का कारोबार कर रही है, लेकिन जल्द ही कंपनी की अन्य प्रोडक्ट लाने की योजना है। Kagome Foods India के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित भटला ने इस संबंध में टाइम्स नाउ हिंदी से बातचीत की है और अपनी योजनाओं की जानकारी दी है।

भारत में बी2बी बाजार ही क्यों चुना? आपने बी2सी बाजार में एंट्री का फैसला क्यों नहीं किया ?
बी2बी बाजार में ज्यादा गुंजाइश है और ये कम कम्पटीशन वाला बाजार है। इस क्षेत्र में कंपनियों का फोकस कम होता है और उनकी जरूरतें ज्यादा होती है। इसलिए हमने इस सेक्टर का चुनाव किया है। जहां तक बात बी2सी सेक्टर की बात है इस सेक्टर में हम तीन से चार साल बाद एंट्री करेंगे।

आपकी कंपनी से कितने लोगों को रोजगार मिला है? 
हमारी कंपनी में 50 से 100 लोग काम कर रहे हैं, जैसे जैसे हमारी तरक्की होगी हम अपनी कंपनी का साइज (रोजगार) भी बड़ा करेंगे। हमारे साथ किसान भी जुड़े हुए हैं।

आपने भारत में कितना निवेश किया है और देश में आगे की क्या प्लानिंग है? 
हमने देश में दो स्तर पर निवेश किया है। जापानी तरीके पर फैक्ट्री लगाई है, जिसमें लगभग 50 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और हम ग्राउंड जीरो पर किसानों के साथ काम कर रहे हैं। जिसमें हम किसानों को अच्छे बीज उपलब्ध कराते हैं और उन्हें खेती के सही तरीके बताते हैं, जिससे हमें अच्छी किस्म का टमाटर मिल सके। भारत में हम अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं और अगले 5 सालों में कई अन्य प्रोडक्ट इस सेक्टर में लेकर आएंगे।

क्या आप किसानों को हायर करते हैं या किसी प्रकार का कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हैं? 
नहीं हम सिर्फ किसानों को अच्छी क्वॉलिटी का बीज प्रदान करते हैं। ना हम उन्हें हायर करते हैं ना ही उनकी जमीन खरीदते हैं। हम अपनी क्वॉलिटी का टमाटर उनसे पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट प्राइस पर खरीदते हैं। कीमत को लेकर हमारा पहले से एक कॉन्ट्रैक्ट होता है।

आपका कम्पटीशन किन कंपनियों के साथ है? 
कई कंपनियां इस बाजार में भी हैं। हालांकि उन कंपनियों का कारोबार बी2बी के अतिरिक्त बी2सी सेक्टर में भी है। हम सिर्फ बी2बी क्षेत्र में ही फिलहाल फोकस कर रहे हैं। दूसरा, हमारा मुख्य फोकस टमाटर से जुड़े प्रोडक्ट हैं।

आप कौन से नया प्रोडक्ट लाने वाले हैं और कगोमे के प्रोडक्ट दूसरों से कैसे अलग है? 
विभिन्न होटल और रेस्टरेंट्स आदि रोजाना अपनी क्षमता के आधार पर टमाटर खरीदते हैं। ताजा सप्लाई के साथ सबसे बड़ी समस्या कीमत और क्वॉलिटी को लेकर आती है। हम जापानी टेक्नोलॉजी की मदद अपने प्रोडक्ट तैयार करते हैं, जिसमें किसी प्रकार का आर्टिफिशियल रंग, आर्टिफिशियल फ्लेवर या संरक्षक (प्रिजरवेटिव) का इस्तेमाल नहीं करते हैं। जल्द ही हम भारत में प्याज के प्रोडक्ट भी लाने की योजना बना रहे हैं।

 

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